Monday, 9 August 2010

जय हिंद

बस बहुत हुआ ,

अब सहा नहीं जाता ,

कुछ कहे बगैर ,

अब रहा नहीं जाता ,

फिर से आजादी का दिवस आया ,

भारत की याद आई ,

अब तो बिना मौको के ,

जय हिंद भी कहा नहीं जाता

6 comments:

  1. क्यूँ भई!??????
    खुल के बोलो.....
    मौके पर बोलो....
    बिना मौके भी बोलो यार!
    जय हिंद!

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  2. आपकी टिपण्णी के लिए आपका आभार ...अच्छी कविता हैं...बहुत अच्छी .

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  3. Bhai, parihar, Tussi chha gae!!! :D :D :D

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  4. मतलबी दुनिया हैं बिलकुल सही - जय हिंद!

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  5. well said... roz jai hind bolna hai toh join army as jawan, aapki ye shikayat door ho jaayegi
    GC Saxena, IMA

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